बिजनेस

British PM बनते ही भारत को वाकई गुड न्यूज देने वाले हैं ऋषि सुनक? क्या अब उड़ान भरेगी FTA की फ्लाइट

Rishi Sunak appointed British PM - India TV Hindi News
Photo:AP Rishi Sunak appointed British PM

Highlights

  • 2030 तक 100 अरब डॉलर के निवेश को बढ़ावा देने के लिए हुआ है मुक्त व्यापार समझौता
  • भारत और ब्रिटेन के बीच माल का द्विपक्षीय व्यापार 2021-22 में 16 बिलियन डॉलर रहा
  • 2021 में, भारत यूके का 15 वां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार था

ऋषि सुनक के ब्रिटिश प्रधान मंत्री (पीएम) नियुक्त किए जाने के बाद भारतीय मूल के लोगों में खुशी का माहौल है। लेकिन ये खुशी सिर्फ उनके भारतीय मूल का होने को लेकर ही नहीं हैं, बल्कि भारत के साथ रिश्तों और कारोबार को लेकर उनकी सोचके लिए भी है। सुनक हाल ही में भारत और ब्रिटेन के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते यानि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के समर्थक रहे हैं। ऐसे में लिस ट्रस के कार्यकाल के दौरान अधर में लटके भारत-ब्रिटेन द्विपक्षीय व्यापार सौदे की उम्मीद कई गुना बढ़ गई है। 

FTA को लेकर क्या है सुनक की राय 

भारत में मीडिया में ऐसी खबरें हैं कि द्विपक्षीय संबंधों को बहुत जरूरी बढ़ावा देने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। दरअसल सुनक ने पहले एक भारतीय अंग्रेजी भाषा के दैनिक को बताया था कि वह दोनों पक्षों में रोजगार पैदा करने और भारत के लिए अपने उपभोक्ता वित्तीय सेवा उद्योग को उदार बनाने के लिए यूके-भारत मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए ‘दृढ़ता से प्रतिबद्ध’ हैं। सुनक ने कहा था कि यूनाइटेड किंगडम भारत की नेट जीरो एंबिशन को पूरा करने के लिए क्लाइमेट फाइनेंस की सुविधा प्रदान कर सकता है।

दोनों देशों के बीच व्यापार 

 






2021-22 16 बिलियन डॉलर
2020-21  13.11 बिलियन डॉलर
2019-20 15.45 अरब डॉलर
2018-19 16.87 अरब डॉलर 
2017-18 14.49 अरब डॉलर

पीएम मोदी ने की 2030 रोडमैप की बात 

पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया: “हार्दिक बधाई @RishiSunak! आप यूके के नए पीएम हैं, ऐसे में मैं वैश्विक मुद्दों पर आपके साथ मिलकर काम करने और रोडमैप 2030 को लागू करने के लिए तत्पर हूं। यूके के भारतीयों की नई पहचान के रूप में आपको दिवाली की विशेष शुभकामनाएं, हम अपनी आधुनिक साझेदारी के नए अध्याय लिखने जा रहे हैं।”

क्या होता है FTA 

एफटीए समझौते के तहत, दो देश निवेश और सेवाओं के व्यापार को बढ़ावा देने के लिए मानदंडों को आसान बनाने के अलावा, उनके बीच व्यापार की अधिकतम संख्या पर सीमा शुल्क को समाप्त या काफी कम कर देते हैं।

क्या है भारत ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौता 

भारत और ब्रिटेन ने इस साल जनवरी में औपचारिक रूप से द्विपक्षीय व्यापार और 2030 तक 100 अरब डॉलर के निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक मुक्त व्यापार समझौते के लिए बातचीत शुरू की। भारत और ब्रिटेन के बीच माल का द्विपक्षीय व्यापार 2021-22 में 16 बिलियन डॉलर रहा, जबकि 2020-21 में यह 13.11 बिलियन डॉलर था, यानि एक साल में 22.17% की छलांग लगी है। 2021-22 में 9.43 बिलियन डॉलर का निर्यात किया गया, जबकि उसी वर्ष 6.59 बिलियन डॉलर का आयात प्राप्त हुआ। इससे वित्त वर्ष 2021-22 में 2.84 अरब डॉलर का व्यापार संतुलन मिलता है।

भारत यूके का 15 वां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार

2021 में, भारत यूके का 15 वां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार था, और यूके भारत का 18 वां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है, जिसका विनिर्माण निर्यात यूके को भारत के निर्यात का 90% से अधिक है। यूके को भारत के मुख्य निर्यात में तैयार वस्त्र और वस्त्र, रत्न और आभूषण, इंजीनियरिंग सामान, पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल उत्पाद, परिवहन उपकरण और पुर्जे, मसाले, धातु उत्पाद, मशीनरी और उपकरण, फार्मा और समुद्री सामान शामिल हैं। प्रमुख आयातों में कीमती और अर्ध-कीमती पत्थर, अयस्क और धातु स्क्रैप, इंजीनियरिंग सामान, पेशेवर उपकरण, अलौह धातु, रसायन और मशीनरी शामिल हैं। सेवा क्षेत्र में, यूके भारतीय आईटी सेवाओं के लिए यूरोप के सबसे बड़े बाजारों में से एक है।

एफटीए में क्या है डिमांड 

  • वस्तुओं और सेवाओं के अलावा, भारत कुशल श्रमिकों की आवाजाही और डेटा पर्याप्तता की स्थिति चाहता है, जबकि यूके व्हिस्की और स्कॉच, आयातित ऑटोमोबाइल, सेब, नाशपाती, क्विन और भेड़ के मांस के लिए शुल्क में रियायत चाहता है।
  • भारत फार्मास्युटिकल क्षेत्र में नियामक मुद्दों और कपड़ा, जूते, चमड़े के उत्पादों, बासमती चावल के लिए शुल्क रियायतों का समाधान भी चाहता है। यूके चिकित्सा उपकरणों और कानूनी, लेखा और वित्तीय सेवाओं तक अधिक पहुंच चाहता है।

दिवाली थी डेडलाइन 

तत्कालीन ब्रिटिश प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन और भारतीय समकक्ष नरेंद्र मोदी ने अप्रैल में मुलाकात की, जहां उन्होंने 24 अक्टूबर को दिवाली तक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया। हालांकि, यूके के व्यापार सचिव केमी बडेनोच – जिन्होंने सितंबर में लिज़ ट्रस सरकार के तहत कार्यभार संभाला था – ने हाल ही में पुष्टि की कि वार्ताकार अब उस समयरेखा की बजाए सौदे की गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। 

क्या हैं FTA में अड़चन 

एक सौदे को अंतिम रूप देने में महत्वपूर्ण बिंदुओं में भारत में बिक्री के लिए ब्रिटिश व्हिस्की पर भारी आयात शुल्क और भारतीय छात्रों और व्यवसायों के लिए अधिक वीजा की भारत की मांग शामिल है। माना जाता है कि इस महीने की शुरुआत में भारत सरकार द्वारा ब्रिटेन के गृह सचिव सुएला ब्रेवरमैन द्वारा भारत से वीजा ओवर-स्टेयर पर कार्रवाई पर सवाल उठाने वाली टिप्पणियों पर भारत सरकार द्वारा आड़े हाथों लेने के बाद वार्ता को एक गंभीर झटका लगा था। अधिक वीजा के अलावा, भारत ब्रिटेन को चमड़े, वस्त्र, आभूषण और खाद्य उत्पादों के निर्यात में वृद्धि करना चाहता है, जबकि ब्रिटेन भारत को और अधिक व्हिस्की बेचने का इच्छुक है और चाहता है कि वह 150% के आयात शुल्क को कम करे। रॉयटर्स ने इस महीने की शुरुआत में बताया था कि भारतीय कार निर्माताओं ने ब्रिटेन के साथ व्यापार समझौते के तहत आयातित कारों पर कर की दर को 60% से घटाकर 100% करने का प्रस्ताव रखा था।

Latest Business News

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
VIVA99 adalah salah satu deretan daftar situs judi online terpercaya dan paling gacor yang ada di indonesia . VIVA99 situs agen judi online mempunyai banyak game judi slot online dengan jacpot besar, judi bola prediksi parlay, slot88, live casino jackpot terbesar winrate 89% . Mau raih untung dari game judi slot gacor 2022 terbaru? Buruan Daftar di Situs Judi Slot Online Terbaik dan Terpercaya no 1 Indonesia . VIVA99 adalah situs judi slot online dan agen judi online terbaik untuk daftar permainan populer togel online, slot88, slot gacor, judi bola, joker123 jackpot setiap hari